अमेरिका सरकारी बंद खत्म: संसद ने पारित किया बिल
वाशिंगटन डीसी (अमेरिका)। मंगलवार को (स्थानीय समय के अनुसार) अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने आंशिक सरकारी बंद को समाप्त करने के लिए मतदान किया और एक ऐसा कानून पारित किया जो अधिकांश संघीय एजेंसियों को वित्तीय वर्ष के शेष भाग के लिए धन मुहैया कराता है, जबकि अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के लिए वित्तपोषण को अतिरिक्त 10 दिनों के लिए बढ़ाता है। द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला अमेरिका के लिए एक बड़ी राहत है क्योंकि चार दिनों से चल रहा सरकारी ठप्प अब खत्म होने वाला है। यह वह संकट था जिसने पूरे देश को अनिश्चितता में डाल दिया था और लाखों सरकारी कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ गई थी।
217-214 के संकीर्ण वोट से पास हुआ बिल
द हिल के अनुसार, यह उपाय 217-214 के संकीर्ण वोट से पारित किया गया और इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेज दिया गया है। उम्मीद है कि ट्रंप के हस्ताक्षर के साथ ही शनिवार से शुरू हुआ चार दिवसीय शटडाउन औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा। यह मतदान द्विदलीय था लेकिन बहुत करीबी रहा। 21 रिपब्लिकन सांसदों ने बिल के खिलाफ मतदान किया, जबकि 21 डेमोक्रेटिक सांसदों ने इसका समर्थन किया। हालांकि डेमोक्रेटिक नेतृत्व ने इस पैकेज का विरोध किया था।
यह आंकड़े बताते हैं कि अमेरिकी राजनीति में कितनी गहरी खाई है और दोनों पार्टियों के बीच आम सहमति बनाना कितना मुश्किल हो गया है। फिर भी, संकट के समय कुछ सांसदों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर देश हित में फैसला लिया।
गहन बातचीत और नाटकीय वोट
बिल का पारित होना गहन बातचीत और दिन में पहले एक नाटकीय प्रक्रियात्मक वोट के बाद हुआ, क्योंकि रिपब्लिकन नेता उन सांसदों से समर्थन हासिल करने के लिए काम कर रहे थे जिन्होंने अलग मतदान कानून पर आपत्तियां उठाई थीं। पूरा दिन तनाव से भरा रहा। संसद भवन में बैठकों का दौर चलता रहा और नेता अपनी-अपनी पार्टी के सांसदों को मनाने में जुटे रहे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बार ऐसा लग रहा था कि बिल पास नहीं होगा और शटडाउन और लंबा खिंच जाएगा। लेकिन आखिरी समय में जो समझौता हुआ, उसने स्थिति को संभाल लिया।
‘मिनिबस’ फंडिंग पैकेज
द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, “मिनिबस” के रूप में वर्णित इस फंडिंग पैकेज में पांच संघीय एजेंसियों के लिए पूरे साल का आवंटन शामिल है और 13 फरवरी तक होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के लिए अस्थायी धन प्रदान करता है। यह इसलिए किया गया है क्योंकि डेमोक्रेट्स अमेरिकी आप्रवासन प्रवर्तन नीतियों में बदलाव के लिए दबाव बना रहे हैं।
‘मिनिबस’ शब्द सुनने में भले ही छोटा लगे, लेकिन यह पैकेज अमेरिकी सरकार के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए बेहद जरूरी है। इसमें रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए धन का प्रावधान है।
कौन से विभागों को मिलेगा धन?
द हिल के अनुसार, इस कानून में कई प्रमुख विभागों को 30 सितंबर तक, यानी वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक धन भी प्रदान किया गया है। इनमें अमेरिकी ऊर्जा विभाग, रक्षा विभाग, ट्रेजरी विभाग, विदेश विभाग, श्रम विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग और शिक्षा विभाग शामिल हैं। साथ ही न्यायिक शाखा और कई स्वतंत्र एजेंसियों को भी धन मिलेगा।
यह सूची दिखाती है कि अमेरिकी सरकार कितनी विशाल है और कितने विभाग देश के कामकाज को चलाने के लिए जिम्मेदार हैं। अगर यह बिल पास नहीं होता, तो इन सभी विभागों का काम ठप्प हो जाता और करोड़ों अमेरिकियों की जिंदगी प्रभावित होती।
पहले भी पास हुए थे बिल, लेकिन अटक गए
हाउस ने जनवरी में पहले ही सभी छह आवंटन बिलों को पारित कर दिया था, लेकिन सीनेट में पैकेज अटक गया जब डेमोक्रेट्स ने आप्रवासन प्रवर्तन प्रथाओं पर आपत्ति जताई, विशेष रूप से पिछले महीने एक संघीय अभियान के दौरान मिनियापोलिस की एक गहन चिकित्सा इकाई नर्स की हत्या के बाद। यह घटना बेहद दुखद थी और इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस घटना ने आप्रवासन नीति पर बहस को और तेज कर दिया और डेमोक्रेट्स ने सख्त रुख अपना लिया। उनका कहना था कि बिना उचित सुधारों के वे फंडिंग बिल को पास नहीं होने देंगे।
व्हाइट हाउस और सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच बातचीत
वर्तमान समझौता व्हाइट हाउस और वरिष्ठ सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच बातचीत के बाद सामने आया। द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, यह एक उथल-पुथल भरे सप्ताह के बाद हुआ जिसने रिपब्लिकन को एक ही कदम में पूर्ण छह-बिल फंडिंग पैकेज को आगे बढ़ाने की योजनाओं को छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।
यह बातचीत आसान नहीं थी। दोनों पक्षों को अपनी-अपनी मांगों से समझौता करना पड़ा। रिपब्लिकन को कुछ आप्रवासन सुधारों पर सहमत होना पड़ा, जबकि डेमोक्रेट्स को पूरे फंडिंग पैकेज को पास करने देना पड़ा।
डेमोक्रेटिक नेतृत्व ने अंतिम समय तक रोका समर्थन
अमेरिकी हाउस डेमोक्रेटिक नेताओं ने अंतिम मतदान से कुछ समय पहले तक बड़े पैमाने पर समर्थन रोक रखा था। वे प्रक्रियात्मक बाधाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे और रिपब्लिकन पर बिल पर बहस को नियंत्रित करने वाले नियम को पारित करने के लिए दबाव बना रहे थे। यह एक चतुर राजनीतिक रणनीति थी जिससे उन्होंने अपनी कुछ मांगें मनवाने में सफलता पाई।
चार दिन का शटडाउन और उसका प्रभाव
शनिवार से शुरू हुए इस चार दिवसीय शटडाउन ने लाखों अमेरिकियों की जिंदगी को प्रभावित किया। सरकारी कर्मचारियों को बिना वेतन के काम करना पड़ा या छुट्टी पर भेज दिया गया। राष्ट्रीय उद्यान बंद हो गए। कई सरकारी सेवाएं ठप्प हो गईं। यह स्थिति किसी के लिए भी अच्छी नहीं थी।
हालांकि चार दिन का यह शटडाउन अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबा नहीं था, लेकिन इसने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या राजनीतिक मतभेदों को सुलझाने का यह सही तरीका है। क्या आम जनता को इन राजनीतिक खींचतान की कीमत चुकानी चाहिए?
ट्रंप के हस्ताक्षर का इंतजार
अब सभी की निगाहें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हैं। उम्मीद है कि वे जल्द ही इस बिल पर हस्ताक्षर कर देंगे और सरकारी शटडाउन औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने पहले भी कई बार शटडाउन के दौरान सख्त रुख अपनाया है, लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि वे बिल को मंजूरी दे देंगे।
अमेरिकी लोकतंत्र की परीक्षा
यह पूरा प्रकरण अमेरिकी लोकतंत्र की एक परीक्षा थी। दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गहरे मतभेद के बावजूद, अंत में वे एक समझौते पर पहुंचे। यह दिखाता है कि लोकतंत्र में बातचीत और समझौते की कितनी अहमियत है। भले ही रास्ता कठिन हो, लेकिन आखिरकार सही दिशा मिल ही जाती है।
हालांकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या भविष्य में फिर से ऐसी स्थिति आएगी? होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के लिए सिर्फ 10 दिनों की फंडिंग दी गई है, जिसका मतलब है कि 13 फरवरी के बाद फिर से यही बहस शुरू हो सकती है। आप्रवासन नीति पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं और दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं।
फिलहाल तो अमेरिकी जनता को राहत की सांस लेने का मौका मिल गया है। सरकारी कामकाज फिर से शुरू होगा, कर्मचारियों को उनका वेतन मिलेगा और जरूरी सेवाएं बहाल हो जाएंगी। लेकिन यह संकट एक चेतावनी है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण किस तरह पूरे देश को प्रभावित कर सकता है।