सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया उत्तराखंड की प्रगति का राज
नई दिल्ली के रोहिणी में आयोजित ‘उत्तराखंड महोत्सव’ के दूसरे संस्करण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री ने राज्य की बदलती तस्वीर का खाका पेश किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘वेड इन उत्तराखंड’ (उत्तराखंड में विवाह) और शीतकालीन पर्यटन जैसी नई पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका को जबरदस्त मजबूती दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर चलते हुए प्रदेश सरकार नई नीतियों का निर्माण कर रही है।
पर्यटन और वेडिंग डेस्टिनेशन से बदला स्वरोजगार का स्वरूप
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड अब केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्रमुख ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’, साहसिक पर्यटन और फिल्म शूटिंग के केंद्र के रूप में उभर रहा है। स्थानीय सूत्रों के हवाले से पता चला है कि राज्य सरकार होमस्टे योजना और ग्रामीण पर्यटन पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान से न केवल राजस्व बढ़ रहा है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को अपने ही गांव में रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कृषि, डेयरी और शहद उत्पादन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा रहा है।
केदारनाथ का कायाकल्प और जनभावनाओं का सम्मान
2013 की भीषण त्रासदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने भावुक स्वर में कहा कि तब केदारनाथ पूरी तरह तबाह हो गया था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज केदारनाथ का भव्य और दिव्य स्वरूप दुनिया के सामने है। मुखबिरों और आयोजन में मौजूद लोगों के अनुसार, धामी ने बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण और ‘मंदिर माला मिशन’ के तहत हो रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल लोक कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भाषा और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने सौरभ जोशी और कल्पना चौहान जैसी हस्तियों को ‘उत्तराखंड के सितारे’ सम्मान से नवाजा।
महिला सशक्तिकरण और भविष्य की मजबूत रणनीतियां
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के जरिए उत्तराखंड के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। गहन विश्लेषण और भविष्य के संकेत बताते हैं कि समान नागरिक संहिता (UCC) और कड़े नकल विरोधी कानूनों के माध्यम से उत्तराखंड में सुशासन को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाला दशक ‘उत्तराखंड का दशक’ होगा, जिसमें पलायन पर रोक और प्रति व्यक्ति आय में भारी वृद्धि प्रमुख लक्ष्य हैं।
देवभूमि की वैश्विक पहचान और पाठकों के लिए संदेश
अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की पहचान अब उसकी आध्यात्मिकता के साथ-साथ उसके आधुनिक विकास से भी जुड़ी है। गंगा-यमुना की यह भूमि त्याग और तपस्या की रही है, और अब यह प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रही है। उन्होंने प्रवासियों से अपील की कि वे अपनी संस्कृति को जीवित रखें और राज्य के विकास में सहभागी बनें।