अंबाती रामबाबू पर हमला: जगन मोहन रेड्डी का नायडू पर प्रहार
आंध्र प्रदेश में सियासी घमासान: पूर्व मंत्री रामबाबू पर हमले से तनाव, जगन मोहन रेड्डी ने दी चेतावनी
आंध्र प्रदेश की राजनीति में हिंसा का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू पर हुए हमले को एक सोची-समझी हत्या की साजिश करार दिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने रामबाबू से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की जानकारी ली। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जगन ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आश्वासन दिया कि पूरी पार्टी इस मुश्किल घड़ी में रामबाबू के साथ खड़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
टीडीपी कार्यकर्ताओं का हिंसक प्रदर्शन, पत्थरबाजी से सहमा विकास नगर
घटना की शुरुआत गुंटूर जिले के विकास नगर में हुई, जहां टीडीपी (TDP) कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर अंबाती रामबाबू के कार्यालय और आवास का घेराव किया। मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टीडीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में पत्थरबाजी की और लाठियों से हमला किया। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को भारी संख्या में बल तैनात करना पड़ा। टीडीपी समर्थकों की मांग थी कि रामबाबू सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, ‘मूकदर्शक’ बनने का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हुए हैं। वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि जब विपक्ष के नेताओं पर हमले हो रहे थे, तब सुरक्षा के लिए जिम्मेदार पुलिस बल केवल ‘मूकदर्शक’ बना रहा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विधान परिषद में विपक्ष के नेता बोत्चा सत्यनारायण ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके फोन का जवाब नहीं दिया। वाईएसआरसीपी ने इसे सरकार की सोची-समझी राजनीतिक प्रतिशोध की नीति बताया है।
जंगलराज’ की ओर बढ़ता आंध्र प्रदेश: एक गहन विश्लेषण
जगन मोहन रेड्डी ने अपने आधिकारिक बयान में तीखा हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश ‘जंगलराज’ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने वाली आवाजों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जगन ने चेतावनी दी है कि जनता इस अराजकता को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी और आने वाले समय में इस कुशासन का निर्णायक जवाब देगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के बाद राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण और तेज हो सकता है।
लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी
अंबाती रामबाबू पर हुआ यह हमला न केवल एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है, बल्कि यह राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि विपक्षी नेताओं की जान पर खतरा बढ़ता जा रहा है। ‘अहमदाबाद एक्सप्रेस’ के लिए स्थानीय सूचनादाताओं ने बताया है कि शहर में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और सरकार को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।