विकसित भारत के लिए 25 साल महत्वपूर्ण: पीएम मोदी का संबोधन
विकसित भारत के निर्माण के लिए २१वीं सदी का यह दूसरा पच्चीस साल का कालखंड उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना आजादी की लड़ाई का दूसरा चरण था। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में देश को विकास का नया मंत्र दिया।
अगली पच्चीस साल की यात्रा, भारत को बनाएगी जगद्गुरु: मोदी
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए देश के सामने एक भव्य विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि देश अब उस मुकाम पर खड़ा है जहां से पीछे मुड़कर देखने का सवाल ही नहीं उठता। विकसित भारत की नींव रखी जा चुकी है और अब उस पर भव्य इमारत बनाने का समय आ गया है। पीएम के शब्दों में एक गहरा आत्मविश्वास और देश के प्रति अगाध प्रेम झलक रहा था।
आजादी के संघर्ष जैसी निर्णायक घड़ी पीएम मोदी ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह पिछली सदी में १९२५ से १९४७ तक का समय भारत की आजादी के लिए निर्णायक साबित हुआ था, ठीक वैसे ही २०२६ से २०५० तक का यह समय भारत के पुनरुत्थान के लिए है। उन्होंने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से देख पा रहा हूं कि यह कालखंड भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने और एक समर्थ राष्ट्र के रूप में स्थापित करने वाला है।”
विश्वबंधु और विश्वमित्र की भूमिका में भारत आज दुनिया के देश भारत के साथ जुड़ने के लिए कतार में खड़े हैं। पीएम ने कहा कि भारत आज ‘विश्वबंधु’ के रूप में उभरा है। चाहे वह रूस-यूक्रेन का संकट हो या वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, दुनिया भारत की ओर भरोसे से देख रही है। स्थानीय हलकों में चर्चा है कि पीएम के इस बयान ने देश के गौरव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम किसी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
विपक्ष पर तंज और खड़गे जी को सलाह सदन में हंगामे के बीच पीएम मोदी ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में विपक्ष को घेरा। जब विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे थे, तब पीएम ने कहा, “आदरणीय सभापति जी, खड़गे जी की उम्र का ख्याल रखते हुए उन्हें बैठकर नारेबाजी करने की अनुमति दी जाए। पीछे तो जवान लोग खड़े ही हैं, लेकिन खड़गे जी को कष्ट न हो।” इस पर पूरे सदन में ठहाके गूंज उठे। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितनी कोशिश कर ले, सच्चाई को दबा नहीं सकता।
‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का जिक्र पीएम मोदी ने हाल ही में यूरोपीय संघ के २७ देशों के साथ हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते का जिक्र किया। उन्होंने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया। इसके साथ ही उन्होंने ९ अन्य बड़े देशों के साथ हुए समझौतों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारत के छोटे व्यापारियों, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। गंगा के घाटों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तान तक, हर भारतीय को इस आर्थिक क्रांति का लाभ मिलेगा।
गरीबी के खिलाफ जंग और ठोस नतीजे पीएम ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि दशकों तक सिर्फ ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया गया, लेकिन काम नहीं हुआ। हमने २ साल के भीतर करोड़ों लोगों को गरीबी से निकाला है। आज गाँव-गाँव में पक्के घर, बिजली और नल से जल पहुँच रहा है। चाय की दुकान से लेकर हलवाई की दुकान तक, आज चर्चा है कि मोदी सरकार ने जो कहा, वो करके दिखाया। उन्होंने कहा कि हमारी ऊर्जा पुरानी गलतियों को सुधारने और भविष्य की नींव रखने में लग रही है।
निष्कर्ष अपने भाषण के समापन में प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि हमें रुकना नहीं है। विकसित भारत का सपना १४० करोड़ भारतीयों का साझा सपना है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई कितनी भी ‘कब्र खोदने’ की बात करे, देश की जनता का प्यार मोदी के लिए एक सुरक्षा कवच है। आने वाला समय तकनीक, विज्ञान और भारतीय संस्कृति के संगम का होगा। यह भारत के गौरव का समय है।