विजय के चुनावी वादे: 6 फ्री गैस सिलेंडर और महिलाओं को ₹2,500 महीना देने का ऐलान
अभिनेता विजय ने अपनी पार्टी TVK के लिए चुनावी घोषणापत्र जारी किया। मुफ्त गैस, सोना और ₹15,000 शिक्षा सहायता जैसे बड़े वादों की पूरी जानकारी।
तमिल सुपरस्टार और ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ (TVK) के संस्थापक विजय ने 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए महिला-केंद्रित घोषणाओं की झड़ी लगा दी है।
विजय के प्रमुख वादों में ‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स’ के तहत सालाना 6 मुफ्त LPG सिलेंडर और गरीब परिवारों को स्वर्ण उपहार शामिल हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करने वाले थलापति विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के जरिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है। 7 मार्च, 2026 को मामल्लापुरम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशाल जनसभा में विजय ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कई बड़े वादे किए। अपनी ‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स’ योजना के तहत उन्होंने हर परिवार को 6 मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर और महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की नकद सहायता देने का संकल्प लिया है। विजय की इन घोषणाओं ने सत्ताधारी DMK और विपक्षी AIADMK के खेमे में हलचल पैदा कर दी है, जिससे 2026 का चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है।
महिला सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा
विजय ने महिलाओं के लिए ‘मदिप्पुमिगु मगलीर थिट्टम’ योजना शुरू करने का वादा किया है। इसके तहत राज्य की महिलाओं (सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर) को उनके बैंक खातों में सीधे ₹2,500 प्रति माह मिलेंगे।
शिक्षा और छात्र सहायता: ‘कामराजर कल्लवी कुरुथी’
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से विजय ने घोषणा की है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को सालाना ₹15,000 की शिक्षा सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य ड्रॉप-आउट दर को शून्य पर लाना है।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘रानी वेलु नचियार’ नाम से एक विशेष महिला पुलिस बल का गठन किया जाएगा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
विजय का राजनीतिक विजन
विजय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “यह ‘मुफ्त की रेवड़ी’ नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है। भ्रष्टाचार को रोककर हम जो पैसा बचाएंगे, उसे सीधे जनता के कल्याण में लगाएंगे। हम तमिलनाडु में एक ‘सुपर-गुड’ शासन लाएंगे।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मत
विशेषज्ञों का मानना है कि विजय का ध्यान पूरी तरह से महिला और युवा वोट बैंक पर है। ‘द्रविड़ मॉडल’ की राजनीति में मुफ्त उपहारों का हमेशा से प्रभाव रहा है, और विजय उसी रास्ते पर चलकर अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, विरोधी दलों ने इन वादों को ‘अव्यावहारिक’ और ‘खजाने पर बोझ’ बताया है।
वास्तविक दुनिया के निहितार्थ
चुनावी समीकरण: विजय की एंट्री ने तमिलनाडु के पारंपरिक द्वि-ध्रुवीय (DMK vs AIADMK) मुकाबले को बदल दिया है।
आर्थिक चुनौतियां: यदि ये वादे पूरे किए जाते हैं, तो राज्य के बजट पर सालाना ₹50,000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
महिला वोट बैंक: मासिक नकद और फ्री सिलेंडर जैसे वादे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को TVK की ओर आकर्षित कर सकते हैं।
2026 के विधानसभा चुनाव विजय के राजनीतिक करियर की पहली और सबसे बड़ी परीक्षा होंगे। आने वाले हफ्तों में वह तमिलनाडु के अन्य जिलों में ‘पदयात्रा’ शुरू कर सकते हैं। विशेष रूप से कोयंबटूर और मदुरै जैसे क्षेत्रों में अपनी पार्टी का आधार मजबूत करने के लिए वह और भी कई बड़ी रैलियां करने की योजना बना रहे हैं।
अभिनेता से राजनेता बने विजय ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल ‘पार्ट-टाइम’ राजनीति करने नहीं आए हैं। उनके द्वारा किए गए लोक-लुभावन वादे तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या थलापति का फिल्मी जादू मतपेटियों में वोटों की बारिश कर पाता है या नहीं। एक बात तय है कि तमिलनाडु का 2026 चुनाव देश के सबसे दिलचस्प मुकाबलों में से एक होगा।