बड़ी खबर: पंजाब में ‘मिशन रोजगार’ की बड़ी सफलता—सीएम मान ने 916 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र; अब तक 63,943 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिसके साथ ‘मिशन रोजगार’ के तहत कुल पारदर्शी भर्तियों का आंकड़ा 63,943 पहुंच गया है।
सीएम ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत स्वास्थ्य कवर को बढ़ाकर ₹10 लाख करने का एलान किया, जिससे राज्य के 65 लाख परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को मोहाली (एसएएस नगर) के विकास भवन में आयोजित एक राज्य स्तरीय समारोह में विभिन्न विभागों के 916 नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। राज्य की प्रमुख पहल ‘मिशन रोजगार’ के तहत, मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि उनके प्रशासन ने पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड 63,943 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि ये सभी नियुक्तियां पूरी तरह से योग्यता (मेरिट) के आधार पर की गई हैं और इनमें किसी भी प्रकार की रिश्वत या सिफारिश का कोई स्थान नहीं रहा है। यह आयोजन शहीद भगत सिंह जैसे महान नायकों के सपनों को साकार करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के विस्तार जैसी जन-कल्याणकारी सुधारों की भी घोषणा की गई।
पंजाब में सरकारी भर्तियों का इतिहास अक्सर भाई-भतीजावाद और “सिफारिश संस्कृति” के आरोपों से घिरा रहा है। दशकों तक, सरकारी पदों को योग्यता के अवसर के बजाय राजनीतिक साधनों के रूप में देखा जाता था। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने सत्ता संभालते ही रोजगार तंत्र को पूरी तरह से बदलने के लिए ‘मिशन रोजगार’ की शुरुआत की। एक पारदर्शी और “फूलप्रूफ” प्रणाली लागू करके, प्रशासन ने कानूनी चुनौतियों से बचने में सफलता प्राप्त की है, जो भारत में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है। यह बदलाव राज्य के युवाओं को पंजाब के भीतर ही स्थिर और सम्मानजनक आजीविका प्रदान करके ब्रेन ड्रेन (प्रतिभा पलायन) को रोकने और नशाखोरी जैसी सामाजिक समस्याओं की जड़ पर प्रहार करने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
- भगवंत सिंह मान (मुख्यमंत्री, पंजाब):
“दशकों तक, पंजाब के युवाओं के अधिकारों को सत्ता में बैठे लोगों ने अपने चहेतों के लिए छीन लिया था। आज, हमने बिना एक पैसे की रिश्वत के लगभग 64,000 नौकरियां दी हैं। यह युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। हम केवल नौकरियां नहीं दे रहे हैं; हम योग्यता (मेरिट) की उस गरिमा को बहाल कर रहे हैं जिसे 70 वर्षों तक कुचला गया था।”
- डॉ. पूजा (नवनियुक्त चिकित्सा पेशेवर, रूपनगर):
“इस प्रशासन के तहत पूरी तरह मेरिट के आधार पर राज्य सरकार का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है। मुझे किसी के पीछे भागने या सिफारिश लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। यह निष्पक्ष प्रक्रिया हम जैसे युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।”
- कैबिनेट मंत्री (स्वास्थ्य/कृषि की उपस्थिति):
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और गुरमीत सिंह खुड्डियां जैसे मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों में ये नियुक्तियां सरकारी सेवाओं और आम नागरिकों, विशेषकर किसानों और ग्रामीण गरीबों के बीच की खाई को पाटेंगी।
- जसनप्रीत कौर (मुक्तसर साहिब से सफल उम्मीदवार):
“मैं इस पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करती हूं। यह मेरे जैसे साधारण पृष्ठभूमि के युवाओं को खुद को साबित करने का वास्तविक अवसर देता है। अब हम बिना किसी के एहसान के बोझ के राज्य की सेवा कर सकते हैं।”