ब्रेकिंग: पंजाब में पर्यटन क्रांति—सीएम मान ने किया सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का उद्घाटन, हिमाचल को मिलेगी टक्कर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने होशियारपुर में ₹2.80 करोड़ की लागत वाले सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया, जो सालाना ₹18 लाख का राजस्व उत्पन्न करेगा।
इस परियोजना का उद्देश्य फिल्म शूटिंग, डेस्टिनेशन वेडिंग और इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों का योजनाबद्ध तरीके से विकास कर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को होशियारपुर में ‘सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का उद्घाटन किया। सीएम मान ने इस परियोजना को पंजाब के पर्यटन मानचित्र पर एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह न केवल इको-टूरिज्म को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। ₹2.80 करोड़ की लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं के कारण जल्द ही हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को कड़ी टक्कर देगा। सरकार का ध्यान अब फिल्म शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे नए क्षेत्रों के माध्यम से पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई गति देने पर है।
पंजाब का ‘कंडी क्षेत्र’ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण यह क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में पिछड़ गया था। भगवंत मान सरकार ने इस परिदृश्य को बदलने के लिए राज्य के 52 से 75 जर्जर सरकारी विश्राम गृहों (Rest Houses) को पुनर्जीवित किया है, जो अब हर महीने करीब ₹1 करोड़ का किराया राजस्व दे रहे हैं। सलेरन डैम प्रोजेक्ट इसी व्यापक पर्यटन रणनीति का हिस्सा है। ऐतिहासिक रूप से, पंजाब का पर्यटन केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब सरकार जल निकायों और प्राकृतिक स्थलों को फिल्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर रही है, जैसा कि अमृतसर, पटियाला और चिमरौद झील में देखा जा रहा है।
- मुख्यमंत्री (पंजाब) – भगवंत मान: “हमारी सरकार पंजाब को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सलेरन डैम न केवल स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार देगा, बल्कि यह क्षेत्र के सर्वांगीण आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।”
- पर्यटन विभाग/प्रशासन: अधिकारियों के अनुसार, “इस प्रोजेक्ट में 16,000 वर्ग फुट का बच्चों का खेल मैदान, आधुनिक इको-हट्स और 80 लोगों की क्षमता वाला कैफेटेरिया तैयार किया गया है। यह पर्यटकों को प्रकृति के बीच रहने का एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।”
- विशेषज्ञ विश्लेषण: अर्थशास्त्रियों का मानना है कि, “पर्यटन क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों का पुनरुद्धार और इको-फ्रेंडली बुनियादी ढांचे का निर्माण पंजाब के लिए राजस्व का एक स्थायी स्रोत बनेगा, जो कृषि पर निर्भरता को कम करने में सहायक होगा।”
- स्थानीय निवासी: होशियारपुर के निवासियों ने खुशी जताते हुए कहा, “अपने ही इलाके में रोजगार के साधन मिलने से पलायन रुकेगा। फिल्मों की शूटिंग और शादियों के लिए आने वाले लोगों से स्थानीय छोटे व्यापारियों को बड़ा फायदा होगा।”
सलेरन डैम परियोजना का जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव दिखने की उम्मीद है। 16,000 वर्ग फुट में फैले चिल्ड्रन प्लेग्राउंड और एम्फीथिएटर के निर्माण से यह स्थानीय परिवारों के लिए एक प्रमुख पिकनिक स्पॉट बन गया है। चार नवनिर्मित इको-हट्स पर्यटकों को ठहराव की सुविधा प्रदान करेंगे, जिससे स्थानीय होमस्टे कल्चर को भी बढ़ावा मिलेगा। आर्थिक रूप से, सरकार ने दावा किया है कि इस प्रोजेक्ट से सालाना ₹18 लाख का सीधा राजस्व प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, जापानी एजेंसी JICA के साथ मिलकर बागवानी के लिए ₹1,300 करोड़ का निवेश और महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह देने जैसी कल्याणकारी योजनाएं पंजाब के ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में ठोस कदम हैं।
भगवंत मान सरकार की यह पहल ‘इकोनॉमी और इकोलॉजी’ के संतुलन पर आधारित है। विशेषज्ञों के अनुसार, सलेरन डैम जैसे प्रोजेक्ट्स को फिल्म शूटिंग के लिए बढ़ावा देना पंजाब की ‘सॉफ्ट पावर’ को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा।
[तालिका: प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं]
| कुल लागत | ₹2.80 करोड़ |
| राजस्व लक्ष्य | ₹18 लाख प्रति वर्ष |
| मुख्य आकर्षण | 16,000 वर्ग फुट प्लेग्राउंड, एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया |
| आर्थिक लाभ | स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार |
सरकार का यह विजन न केवल नशाखोरी के खिलाफ एक सामाजिक विकल्प प्रदान करता है (युवाओं को काम देकर), बल्कि ‘रंगला पंजाब’ की संकल्पना को भी साकार करता है। बुनियादी ढांचे में सुधार से अगले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।