पंजाब: 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट मिलेगी
पंजाब सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘मेरी रसोई’ योजना शुरू की है, जिसके तहत अप्रैल 2026 से 40 लाख नीले कार्ड धारकों को मुफ्त मासिक राशन किट प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में कैबिनेट के इस फैसले का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और बढ़ती मुद्रास्फीति से निपटना है।
गरीब वर्ग को बड़ी वित्तीय राहत देने के उद्देश्य से, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने 23 फरवरी, 2026 को ‘मेरी रसोई’ योजना की घोषणा की। 1 अप्रैल, 2026 से पूरे राज्य में 40 लाख से अधिक नीले कार्ड धारकों को हर महीने व्यापक मुफ्त राशन किट मिलेगी। चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट बैठक में अनुमोदित यह निर्देश मौजूदा रियायती मॉडल को पूरी तरह से मुफ्त वितरण प्रणाली में बदल देता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह पहल आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस कदम से राज्य के लगभग 1.5 करोड़ नागरिकों पर तत्काल सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
‘मेरी रसोई’ योजना पंजाब के समाज कल्याण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। ऐतिहासिक रूप से, राज्य ‘आटा-दाल योजना’ के तहत काम करता था, जो कम आय वाले परिवारों को सब्सिडी वाला अनाज प्रदान करती थी। हालांकि, बढ़ती महंगाई के कारण आम आदमी पर बोझ बढ़ता गया। केवल अनाज के बजाय “किट” देने का निर्णय पोषण संबंधी विविधता की ओर एक बदलाव है। आटे के साथ तेल, दाल और चीनी को शामिल करके, सरकार “छिपी हुई भूख” या सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर कर रही है। यह कानूनी ढांचा राज्य के विस्तारित खाद्य सुरक्षा जनादेश के अंतर्गत आता है, जो पंजाब को पड़ोसी राज्यों की तुलना में कल्याणकारी वितरण में आगे रखता है।
इस घोषणा ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विभिन्न प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है:
सरकारी अधिकारी: पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा, “हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि हर गरीब घर का चूल्हा जलता रहे। ‘मेरी रसोई’ सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सम्मान की गारंटी है।”
विपक्षी आवाज़: प्रमुख विपक्षी नेता सुखपाल सिंह खैरा ने चिंता व्यक्त की: “हम गरीबों के लिए राहत का स्वागत करते हैं, लेकिन सरकार को राज्य के मौजूदा कर्ज को देखते हुए इस 1,500 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च के वित्तपोषण के स्रोत को स्पष्ट करना चाहिए।”
विशेषज्ञ विश्लेषण: पीएयू (PAU) की अर्थशास्त्री डॉ. अमनप्रीत कौर ने कहा, “इससे ग्रामीण परिवारों की खर्च करने योग्य आय में 10-12% की वृद्धि होगी, हालांकि हर महीने 40 लाख किट वितरित करना एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती होगी।”
प्रभावित पक्ष: संगरूर के एक मजदूर गुरदेव सिंह ने कहा, “दो साल में तेल और दाल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। इन्हें मुफ्त पाने से मैं अपने बच्चों की स्कूल की किताबों पर अधिक खर्च कर सकूंगा।”
‘मेरी रसोई’ के कार्यान्वयन में एक व्यापक लॉजिस्टिक ऑपरेशन शामिल है। राज्य सरकार पीडीएस (PDS) नेटवर्क का उपयोग करने और दूरदराज के सीमावर्ती गांवों तक पहुंचने के लिए होम डिलीवरी वैन चलाने की योजना बना रही है। सार्वजनिक प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है, हालांकि नीले कार्ड नवीनीकरण केंद्रों पर लंबी कतारें सत्यापन अनुरोधों में 300% की वृद्धि दर्शाती हैं। आर्थिक रूप से, सरकार को सीधे किसानों से खरीद करनी होगी, जिससे स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, गर्मियों के महीनों में किट के भीतर तेल जैसी खराब होने वाली वस्तुओं की गुणवत्ता बनाए रखना एक व्यावहारिक चुनौती है।
कानूनी और राजनीतिक दृष्टिकोण से, यह कदम कल्याणकारी शासन के “पंजाब मॉडल” को मजबूत करता है। विश्लेषकों का सुझाव है कि नकद हस्तांतरण के बजाय किट प्रदान करके, सरकार यह सुनिश्चित करती है कि लाभ का उपयोग पोषण के रूप में किया जाए। राजनीतिक रूप से, यह स्थानीय निकाय चुनावों से पहले एक मजबूत “गरीब समर्थक” छवि बनाता है। दीर्घकालिक रूप से, यदि आपूर्ति श्रृंखला पारदर्शी रहती है, तो यह खाद्य सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय खाका (ब्लूप्रिंट) बन सकता है। हालांकि, राजकोषीय घाटा अभी भी एक बड़ी चिंता है जिसके लिए रणनीतिक बजटीय आवंटन की आवश्यकता होगी।
अगले तीस दिन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने किट के लिए वेंडर अनुबंधों को अंतिम रूप देने के लिए 10 मार्च, 2026 से जिला स्तर की बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित किया है। नीले कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे पहली डिलीवरी में देरी से बचने के लिए 25 मार्च तक अपना आधार लिंक अपडेट करवा लें। अपेक्षित विकासों में राशन वैन की रीयल-टाइम ट्रैकिंग के लिए एक समर्पित ‘मेरी रसोई’ मोबाइल ऐप लॉन्च करना शामिल है। अपडेट पंजाब सरकार के आधिकारिक पोर्टल और स्थानीय सरपंच कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
‘मेरी रसोई’ योजना पंजाब के शासन में एक ऐतिहासिक हस्तक्षेप है, जिसका उद्देश्य 40 लाख परिवारों को बाजार की कीमतों की अस्थिरता से बचाना है। हालांकि वित्तीय प्रश्न बने हुए हैं, लेकिन तत्काल ध्यान इस अप्रैल में सफल रोलआउट पर है। यह पहल राज्य और उसके सबसे कमजोर नागरिकों के बीच सामाजिक अनुबंध को मजबूत करती है। अधिक जानकारी के लिए नागरिक राज्य हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं या अपने स्थानीय राशन डिपो पर जा सकते हैं।