पंजाब सरकार ने गुरु रविदास जी की विरासत को समर्पित किया वर्षभर का आयोजन
पंजाब में आध्यात्मिकता और सामाजिक न्याय का नया अध्याय शुरू हुआ है। राज्य सरकार ने श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के लिए वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री खुरालगढ़ साहिब से इस महोत्सव का शुभारंभ किया।
मुख्य बिंदु:
649वें प्रकाश पर्व से ही 650वें की तैयारी प्रारंभ
148 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय स्मारक निर्माण
पंजाब विश्वविद्यालय और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में शोध पीठ स्थापित
देरा बल्लां के निकट गुरु रविदास बाणी शोध केंद्र की योजना
शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को संवेदनशील बनाने की पहल
सामाजिक समरसता का संकल्प
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है। सरकार ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को शासन का आधार बनाया है। समानता, करुणा और मानवीय गरिमा के सिद्धांतों को कार्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कैबिनेट उप-समिति का उद्देश्य गुरु जी के संदेश को प्रत्येक गांव तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि 2027 में होने वाले 650वें प्रकाश पर्व को अभूतपूर्व पैमाने पर मनाया जाएगा।
शिक्षा और अनुसंधान में योगदान
राज्य सरकार ने गुरु रविदास जी के दर्शन के शैक्षणिक अध्ययन के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। विश्वविद्यालयों में शोध पीठ विद्वानों को गुरु जी के साहित्य और जीवन दर्शन का गहन अध्ययन करने का अवसर देंगी।
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने कहा कि खुरालगढ़ साहिब पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगत की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
धार्मिक समुदाय का सहयोग
समारोह में संत समाज की उदार उपस्थिति रही। एक दर्जन से अधिक डेरों और धार्मिक प्रतिष्ठानों के प्रमुखों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम आयोजन में उनके मार्गदर्शन की सराहना की।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन संघर्ष, सरलता और मानव कल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं समाज को सत्य और धर्म की ओर मार्गदर्शन करती हैं।
आगामी कार्यक्रम
वर्षभर में संत सम्मेलन, कथा-कीर्तन कार्यक्रम, सम्मेलन और विश्वविद्यालय स्तर के सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। सभी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष कार्यक्रम होंगे।
लाल चंद कटारुचक ने बताया कि सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जातियों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान के लिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
भविष्य की दिशा
2027 में होने वाले ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व के लिए व्यापक तैयारियां जारी हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि वित्तीय बाधाएं समारोह के पैमाने को सीमित नहीं करेंगी।
पंजाब सरकार का यह प्रयास आधुनिक शासन में आध्यात्मिक मूल्यों को समाहित करने का उदाहरण है। गुरु रविदास जी के समानता के संदेश को समकालीन समाज में प्रासंगिक बनाते हुए राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण कर रहा है।