जूनियर विश्व कप के गोल्ड मेडलिस्ट संभाजी पाटिल का सड़क हादसे में निधन
पुणे के बालेवाडी खेल परिसर में तैनात 26 वर्षीय राष्ट्रीय शूटर संभाजी पाटिल की मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर दुर्घटना में दुखद मृत्यु।
पालघर, महाराष्ट्र — पुणे के शिवछत्रपति खेल परिसर में खेल अधिकारी के रूप में कार्यरत 26 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के शूटर संभाजी शिवाजी झनझन पाटिल का सोमवार सुबह मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया अहमदाबाद में विशेष प्रशिक्षण शिविर के लिए जा रहे पाटिल की गाड़ी पालघर जिले के मनोर तालुका के पास ट्रक से टकरा गई।
युवा शूटर 2016 जूनियर विश्व कप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत चुके थे। खेल मंत्रालय के अधीन बालेवाडी परिसर में ग्रेड-बी खेल अधिकारी के पद पर कार्यरत पाटिल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते आए थे।
खेल जगत के लिए बड़ा झटका
महाराष्ट्र सरकार के खेल विभाग ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्य के खेल मंत्री ने युवा प्रतिभाओं के संरक्षण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
पाटिल ने 2017 में जर्मनी के सुहल में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में टीम रजत पदक जीता था। उन्होंने अपनी प्रतिभा से भारतीय निशानेबाजी में नया मुकाम हासिल किया था।
दुर्घटना के कारण और परिस्थितियाँ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे पाटिल और उनके साथी शूटर यश चौधरी टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी से गुजरात जा रहे थे। तेज रफ्तार में ओवरटेक करते समय गाड़ी एक ट्रक से टकरा गई।
गंभीर चोटों के कारण पाटिल को तुरंत पालघर के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मनोर पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर पिछले वर्ष 800 से अधिक दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें भारी वाहनों की संख्या चिंताजनक रही। राज्य परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का आग्रह किया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षण सुविधाओं का विकेंद्रीकरण जरूरी है ताकि खिलाड़ियों को लंबी यात्राओं से बचाया जा सके। वर्तमान में अधिकतर राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र महानगरों में ही केंद्रित हैं।
परिवार और अंतिम संस्कार
पाटिल का परिवार छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) से है। परिजन सोमवार दोपहर अस्पताल पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। खेल बिरादरी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।
राष्ट्रीय राइफल संघ युवा शूटरों के विकास में प्रति वर्ष करीब 120 करोड़ रुपये का निवेश करता है। पाटिल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का असमय जाना देश की खेल नीतियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
साथी शूटर यश चौधरी की हालत स्थिर बताई जा रही है और वे अस्पताल में उपचाराधीन हैं। दुर्घटना की जांच जारी है।