सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर: PM मोदी की हिंद महासागर रणनीति का नया आयाम
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ वार्ता में आवास, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए व्यापक सहायता पैकेज की घोषणा की। विस्तृत जानकारी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर (लगभग 1,460 करोड़ रुपये) के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
राजधानी दिल्ली में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ व्यापक वार्ता के बाद यह ऐलान किया गया। यह पैकेज सात प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परियोजनाओं को समर्थन देगा।
किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
सामाजिक आवास परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सेशेल्स की जनता के लिए किफायती घर बनाए जाएंगे। ई-मोबिलिटी व्यवस्था से परिवहन आधुनिक होगा। पर्यावरण अनुकूल वाहन द्वीपों पर चलेंगे।
व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को कौशल प्रदान करेंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं का उन्नयन होगा। रक्षा सहयोग मजबूत बनेगा। समुद्री सुरक्षा क्षमताओं में वृद्धि होगी।
PM मोदी ने हैदराबाद हाउस में संयुक्त वक्तव्य देते हुए कहा कि विकास साझेदारी भारत-सेशेल्स संबंधों की मजबूत नींव रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रयास सेशेल्स की प्राथमिकताओं और जरूरतों पर आधारित हैं।
राजनयिक संबंधों का स्वर्णिम वर्ष
यह यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है। 2026 में भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों को 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की भी स्वर्ण जयंती मना रहा है।
राष्ट्रपति हर्मिनी अक्टूबर 2025 में पदभार संभालने के बाद पहली बार भारत आए हैं। छह दिवसीय राजकीय यात्रा में उन्होंने चेन्नई और मुंबई का भ्रमण किया। राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
PM मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स केवल भूगोल से नहीं, बल्कि इतिहास, विश्वास और भविष्य की साझा दृष्टि से जुड़े हैं। हिंद महासागर की लहरों ने सदियों से दोनों देशों के लोगों को जोड़ा है।
सात समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
वार्ता के दौरान सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। फार्माकोपिया सहयोग से दवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। मौसम विज्ञान सहयोग से चक्रवात पूर्वानुमान बेहतर होंगे।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू होंगे। डिजिटल प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत भारत सेशेल्स को 1,000 मीट्रिक टन अनाज और दालें उपलब्ध कराएगा। यह व्यवस्था स्थिर मूल्य सुनिश्चित करेगी।
क्षमता निर्माण के लिए ITEC कार्यक्रम का विस्तार किया गया। सेशेल्स के सिविल सेवकों को भारत में प्रशिक्षण दिया जाएगा। समुद्र विज्ञान सहयोग से हाइड्रोग्राफिक इकाई स्थापित होगी।
महासागर विजन का अभिन्न हिस्सा
PM मोदी ने सेशेल्स को भारत के महासागर विजन का महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय समुद्री पड़ोसी के रूप में सेशेल्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। दोनों देशों का सहयोग जल, थल और वायु तीनों क्षेत्रों में फैला है।
रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के अहम स्तंभ हैं। सेशेल्स को कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया। यह व्यवस्था हिंद महासागर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में मददगार होगी।
भारत, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस के साथ सेशेल्स अब इस सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है। समुद्री निगरानी और सूचना साझाकरण मजबूत होगा।
लोगों के बीच संबंध सबसे बड़ी ताकत
PM मोदी ने जनसंपर्क को भारत-सेशेल्स रिश्तों की सबसे बड़ी शक्ति बताया। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय ने वहां के सामाजिक और आर्थिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। पीढ़ी दर पीढ़ी यह दोस्ती मजबूत हुई है।
डिजिटल भुगतान प्रणाली में सहयोग से स्थानीय मुद्रा में व्यापार शुरू होगा। रुपये में लेनदेन से छोटे कारोबारियों को फायदा मिलेगा। फिनटेक सहयोग अप्रैल 2025 से लागू होगा।
आगे की राह
परियोजना कार्यान्वयन की समयसीमा तय की गई है। आवास परियोजनाएं मार्च तक निविदा प्रक्रिया पूरी करेंगी। ई-मोबिलिटी का पायलट मई तक विक्टोरिया में शुरू होगा। स्वास्थ्य सुविधाओं का उन्नयन जून तक प्रारंभ होगा।
PM मोदी को सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में जून में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रपति हर्मिनी भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
यह पैकेज भारत की पड़ोस पहले नीति और विकास साझेदारी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का यह स्पष्ट संकेत है।