इमरान खान की सेहत पर बड़ा खुलासा: एनडीसी की चेतावनी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के संस्थापक इमरान खान की जेल में बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति ने देश के राजनीतिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में गठित नेशनल डायलॉग कमेटी (NDC) ने इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि खान की आंखों में हाल ही में हुए एक ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति पर संशय बना हुआ है। एनडीसी ने शनिवार को इस्लामाबाद में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पूर्व पीटीआई नेताओं और कई वरिष्ठ राजनेताओं ने हिस्सा लिया। समिति ने मांग की है कि इमरान खान को उनके निजी डॉक्टर, डॉ. फैसल सुल्तान से तुरंत मिलने की अनुमति दी जाए ताकि उनका उचित इलाज सुनिश्चित हो सके।
आंखों के गुप्त ऑपरेशन से भड़का विवाद, पीटीआई ने लगाए आरोप
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सरकार ने दो दिन पहले ही इस बात की पुष्टि की थी कि पिछले सप्ताह इस्लामाबाद के एक अस्पताल में इमरान खान की आंखों का ऑपरेशन किया गया था। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि इस प्रक्रिया के बारे में न तो खान के परिवार को और न ही उनकी पार्टी को सूचित किया गया था। पीटीआई ने इसे सरकार की सोची-समझी साजिश करार दिया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, एनडीसी की बैठक में फवाद चौधरी, डॉ. शहजाद वसीम और पूर्व गवर्नर इमरान इस्माइल जैसे दिग्गज शामिल थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इमरान खान के स्वास्थ्य को कोई भी नुकसान पहुँचता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मौजूदा गठबंधन सरकार की होगी।
नवाज शरीफ का दिया हवाला, भेदभाव बंद करने की मांग
स्थानीय सूत्रों और एनडीसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, समिति ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मामले का उदाहरण दिया। बैठक में कहा गया कि जब नवाज शरीफ जेल में थे, तब उनके लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड बनाया गया था और उनके निजी डॉक्टर को उनसे मिलने की पूरी छूट थी। समिति ने सवाल उठाया कि यही मानवाधिकार इमरान खान को क्यों नहीं दिए जा रहे हैं? जानकारों का कहना है कि किसी भी कैदी के स्वास्थ्य का अधिकार अटूट होता है और इलाज से वंचित करना एक आपराधिक कृत्य के समान है। विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि सरकार को अपने राजनीतिक विरोधियों के स्वास्थ्य पर राजनीति करना बंद करना चाहिए।
महबूब खान अचकजई के बयान की निंदा और विरोध की रणनीति
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एनडीसी ने नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता महबूब खान अचकजई के उस बयान की भी कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इमरान खान की सेहत उतनी खराब नहीं है जितनी दिखाई जा रही है। समिति ने आरोप लगाया कि अचकजई सरकार का साथ दे रहे हैं। भविष्य की रणनीति पर चर्चा करते हुए एनडीसी ने पीटीआई और अन्य विपक्षी दलों से प्रधानमंत्री आवास के बाहर संयुक्त धरना देने का आह्वान किया है। जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का ध्यान भी खींच सकता है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ना तय है।
जेल प्रशासन की चुप्पी और जनता की चिंता
अंत में, हालांकि पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के कार्यकारी निदेशक डॉ. राणा इमरान सिकंदर ने एक वीडियो संदेश में दावा किया है कि खान का ऑपरेशन सफल रहा और उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अभी भी अविश्वास का माहौल है। बिना परिवार की सहमति के किए गए ऑपरेशन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।