अमरावती सेक्स स्कैंडल: 180 पीड़िताएं, 350 वीडियो, आरोपी मोहम्मद अयान के घर पर बुलडोजर
JMNTV: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा क्षेत्र में सेक्स स्कैंडल का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 अन्य की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। संदिग्धों से पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक 8 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, 3 और पीड़ितों की पहचान हो सकती है। सभी पीड़ितों की गोपनीयता सुरक्षित रखी जाएगी और उनसे बिना डर के सामने आने की अपील की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में अयान अहमद तनवीर अहमद (19 वर्ष), उजैर खान इकबाल खान (20 वर्ष), मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर (22 वर्ष) और तरबेज खान तस्लीम खान (24 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी अचलपुर और परतवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले हैं और मामले में इनकी अलग-अलग भूमिका पाई गई है।
जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी ने अमरावती शहर में किराए पर कमरा लिया था, जहां लड़कियों को लाकर उनका शोषण किया जाता था और अश्लील वीडियो बनाए जाते थे। शुरुआती जांच में दो पीड़ितों के शोषण के वीडियो बरामद हुए हैं, जो किराए के कमरे में रिकॉर्ड किए गए थे। घटना के बाद प्रशासन ने आरोपी अयान के घर पर बुलडोजर चलाया।
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है, जबकि एक अन्य ने कमरा उपलब्ध कराया था। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 47 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी शुभम कुमार कर रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों में मौजूद डाटा की जांच की जा रही है। डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है, ताकि जांच को और मजबूत किया जा सके।
जांच में पता चला है कि कुछ वीडियो पहले से ही डिलीट किए गए थे, जिनकी डिजिटल रिकवरी की जा रही है। SIT घटनास्थल का रीक्रिएशन करेगी, ताकि घटनाक्रम को विस्तार से समझा जा सके और अदालत में मजबूत सबूत प्रस्तुत किए जा सकें।
अमरावती शहर क्षेत्र में मामला होने के कारण शहर पुलिस आयुक्तालय भी जांच में सहयोग कर रहा है। पुलिस ने आम जनता और पीड़ितों से बिना डर के आगे आने और शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। शिकायत को गोपनीय रखा जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स में 180 पीड़ितों के होने का दावा किया गया है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस लगातार जांच कर रही है।