भारत टैक्सी ऐप: अमित शाह ने किया शुभारंभ, ड्राइवरों की मौज
भारत टैक्सी की शुरुआत के साथ ही देश के लाखों टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए सुनहरे दिन शुरू हो गए हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में इस क्रांतिकारी ऐप का उद्घाटन किया, जो पूरी तरह से ‘सहकारिता’ के सिद्धांत पर आधारित है।
सहकार से समृद्धि: अब टैक्सी चालक के हाथ में होगी तरक्की की चाबी
नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों पर रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले ‘सारथियों’ के चेहरे पर आज एक अलग ही मुस्कान थी। वजह थी— भारत टैक्सी ऐप का आगाज। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इसे देश के ड्राइवरों के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐप कश्मीर से कन्याकुमारी तक टैक्सी चालकों की किस्मत बदल देगा। ८ लाख ड्राइवर प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शाह ने ऐलान किया कि अब ड्राइवर किसी कंपनी का गुलाम नहीं, बल्कि अपने काम का खुद मालिक होगा।
विदेशी कंपनियों को स्वदेशी जवाब बाजार में ओला-उबर जैसी विदेशी निवेश वाली कंपनियों का बोलबाला रहा है, जो ड्राइवरों से मोटा कमीशन वसूलती हैं। लेकिन भारत टैक्सी देश का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है जो ‘जीरो कमीशन’ मॉडल पर चलेगा। यानी सवारी से मिलने वाला पूरा पैसा सीधा ड्राइवर की जेब में जाएगा। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इसमें ‘सर्ज प्राइसिंग’ का झंझट भी नहीं होगा, जिससे आम जनता को भी सस्ती सवारी मिलेगी।
सामाजिक सुरक्षा का वादा शाह ने कहा कि अक्सर टैक्सी चलाने वाले भाइयों के पास बुढ़ापे के लिए कोई बचत या बीमा नहीं होता। भारत टैक्सी इसे बदल देगा। प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले हर सारथी को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और रिटायरमेंट सेविंग की सुविधा दी जाएगी। दिल्ली के प्रमुख इलाकों में ७ सहायता केंद्र खोले गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में ड्राइवर की मदद करेंगे।
‘बाइक दीदी’ से बढ़ेगा महिलाओं का मान इस नई पहल में महिलाओं के लिए “बाइक दीदी” प्रोग्राम शुरू किया गया है। अब तक १५० से ज्यादा महिलाएं इस अभियान का हिस्सा बन चुकी हैं। यह नजारा ठीक वैसा ही है जैसे गाँवों में महिलाएं दूध सहकारिता से जुड़ी होती हैं, अब शहरों की बहनें भारत टैक्सी के जरिए अपना घर चलाएंगी। चाय-समोसे की दुकानों पर आज इसी बात की चर्चा है कि सरकार ने छोटे कामगारों के लिए एक ठोस जमीन तैयार कर दी है।
तेजी से बढ़ता कारवां ६ जून २०२५ को स्थापित यह प्लेटफॉर्म दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बन गया है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में रोजाना १०,००० से ज्यादा ट्रिप्स हो रही हैं। अब तक ड्राइवरों को १० करोड़ रुपये सीधे बांटे जा चुके हैं। अगले दो साल में यह सेवा भारत के हर शहर और हर गली तक पहुँचने वाली है।
निष्कर्ष अमित शाह ने साफ किया कि भारत टैक्सी केवल एक बिजनेस नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव है। उन्होंने ड्राइवरों से अपील की कि वे इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें। यह ऐप साबित करेगा कि अगर हम मिलकर काम करें, तो बड़े से बड़े विदेशी प्लेटफॉर्म को पीछे छोड़ सकते हैं।