प्रियंका गांधी का तीखा हमला: पीएम मोदी को बताया ‘डरपोक’
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें सीधे तौर पर चुनौती दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय बहाने ढूंढ रहे हैं।
“स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं प्रधानमंत्री”: प्रियंका गांधी का करारा जवाब
नई दिल्ली: संसद की दहलीज पर आज जो हुआ, उसने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रियंका गांधी ने मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि मोदी जी में लोकसभा को संबोधित करने का “दम” नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री सदन के भीतर आकर चर्चा का सामना क्यों नहीं कर रहे हैं? प्रियंका का यह बयान उस समय आया जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के ही पास कर दिया गया।
लोकतंत्र में चर्चा का अभाव? प्रियंका ने कहा, “कल उनकी हिम्मत नहीं हुई कि वे सदन के अंदर आ सकें क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं। यह सब क्या बकवास है? सरकार चर्चा नहीं चाहती, इसलिए ये सब किया जा रहा है।” उत्तर प्रदेश और बिहार के चौराहों पर लोग इस बयान को बड़े चाव से सुन रहे हैं। प्रियंका ने साफ किया कि विपक्ष जनता के मुद्दों पर बात करना चाहता है, लेकिन सत्ता पक्ष इसे दबाने की कोशिश कर रहा है।
साजिश और सुरक्षा का सवाल सूत्रों की मानें तो सदन के भीतर स्थिति काफी तनावपूर्ण थी। ऐसी खबरें आईं कि कांग्रेस ने महिला सांसदों को ढाल बनाकर प्रधानमंत्री के करीब जाने या ‘शारीरिक हमला’ करने जैसी योजना बनाई थी। इसी कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रधानमंत्री के संसद में मौजूद होने के बावजूद सदन को स्थगित करना बेहतर समझा। लखनऊ से जयपुर तक लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या राजनीति अब इस स्तर तक गिर जाएगी?
राहुल गांधी की आवाज दबाने का आरोप विपक्ष का गुस्सा राहुल गांधी को बोलने न देने को लेकर भी है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अनकही यादों (Memoirs) और २०२० में चीन के साथ हुए गतिरोध के मुद्दे पर राहुल गांधी सदन में अपनी बात रखना चाहते थे। विपक्ष का दावा है कि सरकार इस मुद्दे पर बुरी तरह घिरी हुई है, इसलिए चर्चा से बच रही है।
दिल्ली की सड़कों पर हलचल संसद के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। मेट्रो हो या बस, हर जगह प्रियंका गांधी के इस बयान की चर्चा है। लोगों का कहना है कि अगर सदन में बहस नहीं होगी, तो जनता की आवाज कौन उठाएगा? विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच ध्वनि मत से प्रस्ताव का पास होना लोकतंत्र की सेहत के लिए कई सवाल खड़े कर गया है।
निष्कर्ष अंत में, प्रियंका गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री को सीधे घेरे में लेकर यह संदेश दिया है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और भी हंगामेदार हो सकती है। क्या मोदी जी पलटवार करेंगे या विपक्ष ऐसे ही हमलावर रहेगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन आज की घटना ने देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।