TCS में 23,000 कर्मचारियों की कमी: HR ने बताई असली वजह, छंटनी या कुछ और?
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) ने हाल ही में अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। इन नतीजों के साथ ही यह जानकारी सामने आई कि कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या में 23,000 से अधिक की कमी आई है। इस खबर ने बाजार में हलचल मचा दी है। अब TCS के HR विभाग ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और स्पष्टीकरण दिया है।
TCS हेडकाउंट में बड़ी गिरावट:
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के अनुसार, कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या 5,84,519 है। पिछले साल की तुलना में यह आंकड़ा 23,460 कम है। आईटी क्षेत्र की किसी भी दिग्गज कंपनी के लिए एक साल में इतनी बड़ी गिरावट असामान्य है, खासकर तब जब टीसीएस भारत में सबसे बड़े निजी नियोक्ताओं में से एक है।
क्या यह छंटनी है?:
कर्मचारियों की संख्या में इस कमी को लेकर बाजार में छंटनी (Layoffs) की आशंकाएं जताई जा रही थीं। लेकिन TCS के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) सुदीप कुन्नुमल ने इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल किए गए आंतरिक फेरबदल के कारण करीब 2% वर्कफोर्स प्रभावित हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की संख्या में गिरावट के कई कारण हैं, सिर्फ छंटनी ही नहीं।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने पिछले साल 44,000 फ्रेशर्स को ऑनबोर्ड किया है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही में भी 2,356 नए कर्मचारियों को जोड़ा गया है, जिनमें अनुभवी पेशेवर और फ्रेशर्स दोनों शामिल हैं।
TCS ने यह भी बताया कि कंपनी ने भारत में पहले ही 25,000 कैंपस ऑफर दे दिए हैं और भविष्य में भी विश्वविद्यालयों से बड़े स्तर पर भर्तियां जारी रखेगी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कर्मचारियों की संख्या में यह कमी सिर्फ छंटनी की वजह से नहीं है, बल्कि ‘एट्रिशन’ (कर्मचारियों के खुद नौकरी छोड़कर जाना) और मांग के अनुसार भर्ती की रणनीति में बदलाव भी इसका कारण हैं। टीसीएस अब ‘जस्ट-इन-टाइम’ हायरिंग मॉडल पर ध्यान दे रही है, जहां प्रोजेक्ट की आवश्यकता के अनुसार ही नई भर्तियां की जाती हैं।
AI का प्रभाव और भविष्य की राह:
आईटी इंडस्ट्रीज में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चर्चा है कि क्या 2030 तक आईटी सेवाएं अप्रासंगिक हो जाएंगी? इस पर टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि भविष्य में कंपनियां AI का लाभ उठाने के लिए टीसीएस जैसी फर्मों पर और अधिक निर्भर होंगी। कंपनी का ऑर्डर बुक मजबूत है और ग्लोबल रेवेन्यू में सुधार देखने को मिल रहे हैं।
मार्च तिमाही में टीसीएस का शुद्ध लाभ 12% बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये रहा। कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखने के लिए कंपनी ने सभी ग्रेड और भूमिकाओं के लिए सालाना सैलरी बढ़ोतरी की भी घोषणा की है।