JMNTV: क्या आपके व्यवसाय में भी आ रही है रुकावट? तो जानिए, किस दिशा का दरवाजा बन सकता है आपके दुश्मन की तरक्की का कारण!
JMNTV: घर ही नहीं, व्यवसायिक स्थल का वास्तु भी आपकी तरक्की और परेशानियों का कारण बन सकता है। अक्सर लोग केवल घर को वास्तु दोष से मुक्त रखने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यदि आप एक व्यवसायी हैं, तो आपके ऑफिस, फैक्ट्री या दुकान का वास्तु भी आपकी सफलता को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से, व्यवसायिक स्थल के प्रवेश द्वार के वास्तु दोष को सबसे पहले ठीक करना चाहिए।
व्यवसायिक स्थल पर उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा में प्रवेश द्वार सबसे हानिकारक माने जाते हैं। यदि आपके व्यवसायिक स्थल पर इन दो दिशाओं में प्रवेश द्वार या शौचालय है, तो आपको व्यापार में सफलता मिलने में कठिनाई होगी। दिन-रात मेहनत करने के बावजूद भी व्यवसाय में वृद्धि नहीं होगी। इसके कारणों को समझ पाना भी मुश्किल हो सकता है।
उत्तर-पश्चिम दिशा का प्रवेश द्वार: व्यवसायिक स्थल पर उत्तर-पश्चिम दिशा का प्रवेश द्वार आपके प्रतिस्पर्धियों की तरक्की को बढ़ावा देता है। आपका व्यापार और ग्राहक धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। आप इसका कारण भी नहीं समझ पाएंगे और आपके प्रतिस्पर्धी आपसे आगे निकल जाएंगे। आपके व्यापार में सब कुछ अच्छा होने के बावजूद, आपके उत्पाद में आकर्षण की कमी रहेगी। संभवतः आपके व्यापार का ग्राफ धीरे-धीरे नीचे चला जाएगा। आपके व्यवसायिक स्थल पर कर्मचारी चोरी भी कर सकते हैं। यदि आप भी इसी तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो अपने व्यवसायिक स्थल की उत्तर-पश्चिम दिशा पर ध्यान दें। यहां शौचालय और रसोई का होना मुश्किल पैदा कर सकता है। हरा और लाल रंग भी परेशानियां दे सकता है।
दक्षिण-पश्चिम दिशा का प्रवेश द्वार: व्यवसायिक स्थल पर दक्षिण-पश्चिम दिशा का प्रवेश द्वार आपको कर्ज में डाल सकता है। यदि इस दिशा में कोई समस्या है, तो व्यापार चलने के बाद भी लाभ नजर नहीं आएगा। कहीं न कहीं से नुकसान होता रहेगा। संभव है कि आपके अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर न हो पाए और ऑर्डर रद्द हो जाए। इसलिए, यदि आपके उत्पाद की गुणवत्ता के कारण व्यापार में समस्या आ रही है, तो दक्षिण-पश्चिम दिशा की जांच अवश्य करें। इस दिशा में शौचालय, सेप्टिक टैंक, हरा, काला या नीला रंग भी आपके व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
क्या करें उपाय? व्यवसायिक स्थल पर गलती से भी दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में प्रवेश द्वार न रखें। इसके लिए व्यवसायिक स्थल के नक्शे पर उचित ग्रिडिंग होना आवश्यक है। इन दिशाओं में शौचालय भी नहीं होना चाहिए। दक्षिण-पश्चिम दिशा में किसी भी रूप में हरा, काला, नीला रंग नहीं होना चाहिए। वहीं, उत्तर-पश्चिम दिशा में हरा या लाल रंग नहीं होना चाहिए।